सुन री सखी, मेरी प्यारी सखी, ये दिल कहीं खोया है मेरा
जाने कहाँ इसे भूल गया, नहीं कुछ भी है मुझको पता
तेरी पायल में मैंने ढूँढ लिया तेरे क़दमों तले, सजनी
प्यार किया तो जान गया, ये मुश्किल है कितनी
मेरी साँसों में तेरा प्यार बसा, आँखों में तुम्हीं, सजनी
सुन री सखी, मेरी प्यारी सखी, ये दिल कहीं खोया है मेरा
कैसे तुझे इज़हार करूँ, मैं हालत इस दिल की
तन में, मन में, इस धड़कन में हो रही हलचल सी
देखे बिना तुझे लगती है एक युग सी एक घड़ी
सब नज़रें जो देख रही मेरे दिल में दहशत सी
ये स्वर्ग है या नर्क है, मुझको होश नहीं
मेरी ज़िंदगी और मौत है अब हाथ में तेरे ही
सुन री सखी, मेरी प्यारी सखी, ये दिल कहीं खोया है मेरा
कोयलिया, तू कह दे तो तुझे गीत सुनाऊँ मैं
नागमणि, तेरी नागिन सी ज़ुल्फ़ों को सँवारूँ मैं
चन्द्रमुखी, तुझे नींद नहीं तो लोरी सुनाऊँ मैं
ठंडी हवा नहीं लग जाए, तुझे चुनरी उढ़ाऊँ मैं
मेरे प्यार की जो बात है, कानों में बताऊँ मैं
तेरे क़दमों के जो निशान हैं, यादों में बसाऊँ मैं
सुन री सखी, मेरी प्यारी सखी, ये दिल कहीं खोया है मेरा
जाने कहाँ इसे भूल गया, नहीं कुछ भी है मुझको पता
तेरी पायल में मैंने ढूँढ लिया तेरे क़दमों तले, सजनी
प्यार किया तो जान गया, ये मुश्किल है कितनी
मेरी साँसों में तेरा प्यार बसा, आँखों में तुम्हीं, सजनी
सुन री सखी, मेरी प्यारी सखी, ये दिल कहीं खोया है मेरा